
तुम से जुदाई का गम क्या कम था
जो यादो ने आ कर रुला दिया
खाई के छोर पर खड़े थे हम
यादो ने आ कर हमे गिरा दिया
जिंदगी की ख़ुशी के मौके है कम
और सागर सा भरा है इसमें गम
गोते लगा रहे थे इन लहरों में हम
की यादो ने आ कर हमे लहरों में डूबा दिया
बंद पलकों में सपना लेकर सोये थे हम
खवाब के अंजाम पर रो रहे थे हम
नींद को तोड़ कर तुमने हमे जगा दिया
हँस लेते जाग कर के हम यादो ने फिर रुला दिया
दिल को मिले जख्म नहीं थे कम और
जख्म भरने के लिए नहीं था मरहम
वक़्त के साथ भर जाते यह जख्म
पर यादो ने आ कर इन पर नमक लगा दिया
पी लेते हर आंसू को हँस कर हम
बढ़ता नहीं हमारा यह दर्दो गम
तुमको पा कर खुश तौ बहुत हुए हम
पर तुमसे याद आया पुराना हर वो गम
डगमग से जीवन पथ पर चले हम
सम्हाल सम्हाल कर रख रहे थे कदम
धीरे धीरे आगे बढ़ भी रहे थे हम
तुमने आ कर वो बंधन याद करा दिया
तुमने जो दिया वो नहीं था किसी से कम
पर उन बातो को सोच कर होती है आंखे नम
देंगे सिर्फ तुम्हे दुआ ही हम
और मानेंगे इसे मेरे खुदा का करम
तुम दिल को बहुत अजीज हो मानते है हम
पर इस पल सम्हालो, लाद्खादा रहे है हम
तुम्हे अपने से दूर पा कर, घबरा रहे है हम
यादो के मंजर में खुद को अकेला पा रहे है हम
तुम्हे इन बहते आंसू की है कसम
रहना इस दिल में बन कर मेरे हमदम
देना इतना प्यार की भर जाये यादो का जख्म
और फिर ना कहे की यादो ने क्या कर डाला हमदम….
Its very touching.If its a part of ur life then i really pray that u get enough strength to fight against it.
one of ur best