जग में जब ली पहली साँस
माँ तब तुम थी मेरे पास
कदम बढाया पहला जब भी
मेरे पास माँ था तुम्हारा ही हाथ
आँखों को नम मैंने जब जब पाया
आंसू पोछने आपका आँचल पाया
अपने जीवन में जब भी कठिनाई आई
मेरी मदद को माँ तब तब तुम आई
अपने आप को जब भी जख्मी पाया
माँ मैंने आपके हाथ में मरहम [...]
Archive for May, 2009
माँ
Posted in Blogroll, Uncategorized on May 17, 2009 | 6 Comments »
खामोशी: मेरी जबानी
Posted in Blogroll, college, romance on May 6, 2009 | 1 Comment »
कहते है खामोशी की होती नहीं जुबान
पर यादो के शहर की है ये बाघबान
हँसते खिलखिलाते लम्हों की सुनाती दास्तान
और आखो के आसुओं की देती येः बयान
कल आज और कल ये सब में है विध्यमान
ये ना सुने किसी की और ना दे किसी पर ध्यान
संकट के लम्हों में, अनचाहे प्रश्नों में,सब जगह विराजमान
अगर भावः प्रकट ना [...]