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Archive for May, 2009

माँ

जग में जब ली पहली साँस

माँ तब तुम थी मेरे पास

कदम बढाया पहला जब भी

मेरे पास माँ था तुम्हारा ही हाथ

आँखों को नम मैंने जब जब पाया

आंसू पोछने आपका आँचल पाया

अपने जीवन में जब भी कठिनाई आई

मेरी मदद को माँ तब तब तुम आई

अपने आप को जब भी जख्मी पाया

माँ मैंने आपके हाथ में मरहम पाया

नजरो के सामने जब भी तम को पाया

आपके साए में आगे का रास्ता दिखाया

थकती आँखों ने जब नींद का झरोखा आया

माँ तेरी गोद और तेरे आँचल में नींद को पाया

आपनी नाकामी से जब मेरा मन घबराया

आपकी ही बातो का माँ मैंने हौसला पाया

काश मैं माँ अपने मान की बात कह पाता

कितना प्यार मिला है ये बतला पाता

आपनी भावनाओ को आपको समझा पाता

और आपकी महानता शब्दों में उतार पाता

mothers love kolongiकाश मैं माँ मेरे लिए आप क्या हो यह बता पाता…!!

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5656_silence

कहते है खामोशी की होती नहीं जुबान
पर यादो के शहर की है ये बाघबान
हँसते खिलखिलाते लम्हों की सुनाती दास्तान
और आखो के आसुओं की देती येः बयान

कल आज और कल ये सब में है विध्यमान
ये ना सुने किसी की और ना दे किसी पर ध्यान
संकट के लम्हों में, अनचाहे प्रश्नों में,सब जगह विराजमान
अगर भावः प्रकट ना कर पाओ, तो ये है आपका मुकाम

कभी मातम के साथ, कभी चकित भावः में आती है
आपको सूनेपन का एहसास कराती है वो
कभी सुकून, कभी जूनून या जवाब दे जाती है वो
पर हाँ एक सच्चे दोस्त का फर्ज निभाती है वो

इतना कुछ करती है फिर भी शांत रह जाती है वो
आपके संग हो कर भी अपने अस्तित्व को छुपा लेती है वो
आप उससे भूल भी जाओ एक पल के लिए
पर हर पल आपसे कुछ कह जाती है वो…

बस यही मान लो बिना कुछ कहे बहुत कुछ कह जाती है वो
फिर भी बिना जुबान हर पल गुनगुनाती है वो..
आपके साथ है वो बस इतना हे याद दिलाती है वो
मेरे लफ्जो के जरिये आप तक आना चाहती है वो…

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