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Archive for May, 2011

यह यादें … यह यादें कितनी हसीं होती है …

कभी खट्टी तौ कभी नमकीन होती है

इंसान यादो के साए में ही तौ रहता है

कभी यादो पर हस्त है तौ कभी रोता है

स्कूल में आये तौ बत्च्पान की यादें

कॉलेज पहुचे तौ स्कूल की यादें

काम करने लगे तौ कॉलेज की यादें …

यह यादो का जंगले कितना घना होता है ……

कभी बोलता है तौ कभी खामोश होता है

दिल को चीर कर भावनाओ को खोल देता है

दूर हो कर भी दिल के तार जोड़ देता है..

हिचकी आये तौ याद करा है कितनी आसानी से बोल देता है…

इंसान आज में कल को धुन्ड़ता है और कल में आज को

इन यादो का हिसाब भी कितना अजीब होता है…

एक आशिक को अपनी महबूबा की याद आती है….

तौ एक सिपाही को अपने घर का आँगन याद आता है

यह यादें एक माँ को अपने बेटे से सपनो में जोड़ जाती है..

कभी जो बोली थी वो बात याद आती है

तौ कभी जो लड़ी थी उसकी शुरुआत याद आती है

कभी जो बीत गए उन लम्हों की याद आती है

तौ कभी जो खो गया है उसकी याद सताती है

तौ खामोश कवी की आँखों में चुप चाप आंसू लाती है

इन् यादो के साए में ही तौ इंसान रहता है..

यह यादें दिल के कितने पास होती है ….

दिल कुछ भी कहे पर यह यादें बाड़ी ख़ास होती है

ठहरे पानी की तरह एक दम साफ़ होती है

अम्बर में बिखरे बादल की तरह कुछ दूर कुछ पास होती है

अपने हे साए की तरह हमारे साथ होती है

एक आस हो कर भी एक ख़ास एहसास होती है…

हासे थे जिन बातो पर उनका लिबास होती है

कभी न ख़तम होने वाला इन्तेजार होती है

यह यादें चाहे जैसी भी हो पर दिल के बहुत पास होती है

ना होते हुए भी हमारे साथ होती है!!!

यह यादें कुछ ख़ास होती है ……….!!

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